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एंटीक की डील के लिए बंगाल पहुंचे भोपाल के व्यापारी का कथित अपहरण, तीन गिरफ्तार

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भोपाल के एक व्यापारी के कथित अपहरण और उसके परिवार से 15 से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने व्यापारी प्रेम सिंह सोलंकी को सुरक्षित छुड़ा लिया है। इसके साथ ही कथित अपहरण में इस्तेमाल किए गए वाहन को भी जब्त किया गया है।
जानकारी के अनुसार, प्रेम सिंह सोलंकी मध्य प्रदेश के भोपाल के रहने वाले हैं। वह एक एंटीक यानी पुरानी और कीमती वस्तु की बिक्री से जुड़ी प्रस्तावित डील के सिलसिले में पश्चिम बंगाल गए थे। इसी डील को लेकर वह बसीरहाट पहुंचे थे।
बताया गया कि बसीरहाट में प्रस्तावित सौदे से जुड़ा काम पूरा करने के बाद सोलंकी वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में चार से पांच लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर उन्हें रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद उन्हें जबरन अपने साथ ले जाया गया।
Kolkata, West Bengal: Three individuals were arrested for allegedly kidnapping a businessman from Bhopal after luring him to Kolkata on the pretext of an antique sale. Bidhannagar NSCBI Airport Police Station reportedly solved the case within two hours. The victim, Prem Singh… pic.twitter.com/uniBJjrmV0
— IANS (@ians_india) September 26, 2026
व्यापारी के अचानक संपर्क से बाहर होने के बाद मामला गंभीर हो गया। आरोप है कि सोलंकी को अपने कब्जे में लेने के बाद अपहरणकर्ताओं ने उनके परिवार से संपर्क किया और उनकी रिहाई के बदले बड़ी रकम की मांग की।
परिवार से कथित तौर पर 15 लाख से 20 लाख रुपये के बीच फिरौती मांगी गई। इस मांग के सामने आने के बाद पुलिस तक मामले की जानकारी पहुंची और व्यापारी को सुरक्षित छुड़ाने के लिए कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने मामले से जुड़े उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। व्यापारी की गतिविधियों, उनके बसीरहाट जाने और वापसी के दौरान हुई घटना से संबंधित जानकारी जुटाई गई। साथ ही कथित अपहरणकर्ताओं तक पहुंचने के लिए अलग-अलग स्तर पर जांच की गई।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आखिरकार प्रेम सिंह सोलंकी का पता लगा लिया और उन्हें कथित अपहरणकर्ताओं के कब्जे से छुड़ा लिया। व्यापारी को सुरक्षित बरामद किए जाने के बाद पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने उस वाहन को भी जब्त कर लिया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर व्यापारी के अपहरण में किया गया था। वाहन की बरामदगी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि व्यापारी को एंटीक वस्तु की डील के बहाने पश्चिम बंगाल बुलाया गया था या प्रस्तावित सौदा वास्तविक था और वापसी के दौरान आरोपियों ने अलग से अपहरण की योजना बनाई।
एंटीक वस्तु से जुड़ी प्रस्तावित डील भी जांच का अहम हिस्सा है। पुलिस यह समझने का प्रयास कर रही है कि इस सौदे के बारे में किन-किन लोगों को जानकारी थी और व्यापारी का संपर्क किस व्यक्ति के माध्यम से हुआ था।
सोलंकी के बसीरहाट पहुंचने से लेकर उनके कथित अपहरण तक की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपियों ने पहले से व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखी थी या रास्ते में किसी अन्य तरीके से उन्हें निशाना बनाया गया।
मामले में चार से पांच लोगों के शामिल होने की बात सामने आई है, जबकि अभी तीन लोगों की गिरफ्तारी हुई है। ऐसे में पुलिस की जांच अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका पर भी केंद्रित हो सकती है।
परिवार से फिरौती मांगने के लिए किस माध्यम का इस्तेमाल किया गया और रकम किस तरह देने के लिए कहा गया था, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन तथ्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों के बीच संपर्क और उनकी कथित भूमिका की कड़ी जोड़ने का प्रयास कर सकती है।
व्यापारी को जिस स्थान पर रखा गया था, वहां तक पुलिस कैसे पहुंची और आरोपियों की पहचान किस आधार पर हुई, इसकी विस्तृत जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
हालांकि पुलिस की कार्रवाई में व्यापारी को सुरक्षित छुड़ा लिया गया है। इससे परिवार को राहत मिली है। कथित अपहरण में इस्तेमाल वाहन की बरामदगी से पुलिस को आगे की जांच में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है।
मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पूरी घटना की योजना किसने बनाई थी। इसके अलावा एंटीक की प्रस्तावित डील और आरोपियों के बीच क्या संबंध था, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
पुलिस के लिए यह जानना भी महत्वपूर्ण होगा कि व्यापारी को बसीरहाट बुलाने वाला व्यक्ति कौन था। यदि प्रस्तावित डील के नाम पर ही उन्हें बुलाने की योजना बनाई गई थी तो मामले में साजिश का दायरा और बढ़ सकता है।
वहीं यदि एंटीक की डील वास्तविक थी तो जांच में यह पता लगाना होगा कि आरोपियों को व्यापारी के आने-जाने की जानकारी कैसे मिली। इसी आधार पर पूरी घटना की परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
व्यापारी के परिवार से 15 से 20 लाख रुपये की कथित फिरौती मांगने के कारण मामले में आर्थिक मकसद प्रमुख रूप से सामने आया है। हालांकि घटना के पीछे वास्तविक उद्देश्य और सभी आरोपियों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस ने जब्त किए गए वाहन की भी जांच शुरू की है। वाहन के मालिक, उसके इस्तेमाल और घटना के दौरान उसकी गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई जा सकती है।
इसके अलावा आसपास के इलाकों में उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के जरिए भी कथित अपहरण की पूरी समयरेखा तैयार करने की कोशिश की जा रही है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि व्यापारी को कहां से रोका गया और इसके बाद किन रास्तों से ले जाया गया।
पुलिस की कार्रवाई में अभी तक तीन आरोपियों को पकड़ा गया है और व्यापारी को सुरक्षित छुड़ाया जा चुका है। घटना में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच जारी है।
भोपाल से पश्चिम बंगाल पहुंचे प्रेम सिंह सोलंकी एंटीक वस्तु की बिक्री से जुड़े एक प्रस्तावित सौदे के लिए बसीरहाट गए थे। वापसी के दौरान उन्हें कथित तौर पर चार-पांच लोगों ने रोककर अपने साथ ले लिया था।
इसके बाद परिवार से 15 से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगने का आरोप सामने आया। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए व्यापारी को छुड़ाया और तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम निर्धारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगा। पुलिस अन्य संभावित आरोपियों और एंटीक डील से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।





